
घर में टॉयलेट और बाथरूम केवल सफाई या सुविधा से जुड़े नहीं होते, इनका सीधा प्रभाव घर की ऊर्जा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर टॉयलेट गलत दिशा में हो, तो नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बढ़ती है, जिससे मानसिक तनाव, आर्थिक समस्या और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आती है।
इसलिए जानिए, टॉयलेट और बाथरूम के लिए वास्तु के जरूरी नियम, दिशा और उपाय।
✅ घर में टॉयलेट और बाथरूम के लिए सबसे उपयुक्त दिशा North-West (उत्तर-पश्चिम) मानी जाती है।
✅ अगर North-West संभव न हो तो West (पश्चिम) दिशा भी स्वीकार्य है।
✅ फ्लैट्स या अपार्टमेंट में अगर ये दिशा संभव न हो तो सही उपाय करके दोष कम किया जा सकता है।
❌ North-East (ईशान कोण) में टॉयलेट बहुत ही बड़ा दोष देता है। इससे मानसिक तनाव, आर्थिक रुकावट और बच्चों की पढ़ाई में बाधा आ सकती है।
❌ South-East (अग्नि कोण) में टॉयलेट होने से स्वास्थ्य समस्याएं, खासकर महिलाओं को पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।
❌ Brahmasthan (घर का केंद्र भाग) में टॉयलेट कभी भी नहीं बनाना चाहिए। इससे पूरे घर की ऊर्जा प्रभावित होती है।
❌ South-West (नैऋत्य कोण) में टॉयलेट होने से रिश्तों में तनाव और आर्थिक नुकसान संभव है।
✅ अटैच्ड बाथरूम भी North-West या West में होना सही माना जाता है।
✅ अटैच्ड बाथरूम के दरवाजे को हमेशा बंद रखें।
✅ बाथरूम में हमेशा नमक या समुद्री नमक का उपयोग करें ताकि नेगेटिव एनर्जी कम हो सके।
✅ बाथरूम में नियमित सफाई और हवादारी जरूरी है।
✔ अगर North-East में टॉयलेट है और तोड़-फोड़ संभव नहीं, तो वहां पीला बल्ब या पीले रंग का पर्दा लगाएं।
✔ टॉयलेट में रोजाना नमक मिलाकर पोछा लगाएं।
✔ South-West टॉयलेट के लिए दरवाजे पर ब्राउन या क्रीम कलर का पर्दा लगाएं।
✔ टॉयलेट के ऊपर या आसपास पिरामिड यंत्र लगाना लाभकारी होता है।
✔ अगर संभव हो तो टॉयलेट का इस्तेमाल सीमित करें और वहां सुगंधित धूप या फ्रेशनर का इस्तेमाल करें।
टॉयलेट और बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखें।
टॉयलेट सीट दक्षिण या पश्चिम दिशा में हो, ताकि उपयोग करते समय मुंह उत्तर या पूर्व की ओर रहे।
वॉशबेसिन और आईना उत्तर या पूर्व दिशा में होना शुभ होता है।
टॉयलेट और किचन आमने-सामने नहीं होने चाहिए।
बाथरूम में लगातार पानी टपकना वास्तु दोष को बढ़ाता है, इसे तुरंत ठीक करवाएं।
घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए टॉयलेट और बाथरूम का वास्तु सही होना बेहद जरूरी है। अगर कोई बड़ा वास्तु दोष है और उसे तोड़-फोड़ से ठीक नहीं कर सकते, तो ऊपर बताए गए सरल उपाय अपनाकर नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है।
प्रश्न: क्या South-West में टॉयलेट बिल्कुल नहीं बन सकता?
उत्तर: South-West में टॉयलेट सबसे बड़ा दोष देता है, पर मजबूरी में अगर हो तो खास वास्तु उपाय ज़रूरी हैं।
प्रश्न: फ्लैट में North-East में टॉयलेट हो तो क्या करें?
उत्तर: पीले पर्दे, पिरामिड यंत्र और नमक का उपयोग करके दोष कम किया जा सकता है।
प्रश्न: टॉयलेट का रंग क्या होना चाहिए?
उत्तर: टॉयलेट में हल्के रंग जैसे क्रीम, ऑफ-व्हाइट या हल्का नीला रंग शुभ माना जाता है। गहरे या लाल रंग से बचें।
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