
घर की योजना बनाते समय Kitchen (रसोई) और Toilet/Bathroom का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार ये दोनों स्थान सीधे तौर पर घर के स्वास्थ्य, मानसिक शांति और ऊर्जा संतुलन को प्रभावित करते हैं। यदि इनका निर्माण गलत दिशा में किया जाए, तो यह कई प्रकार के वास्तु दोष उत्पन्न कर सकता है।
इस लेख में हम जानेंगे कि Kitchen और Toilet के लिए सही दिशा क्या है और इनके गलत स्थान से क्या प्रभाव पड़ सकता है।
Kitchen अग्नि तत्व से जुड़ा हुआ स्थान है। इसलिए इसका सही दिशा में होना आवश्यक है।
• South-East (आग्नेय कोण) – सबसे श्रेष्ठ
• North-West (वायव्य कोण) – वैकल्पिक रूप से स्वीकार्य
• North-East (ईशान)
• South-West (नैऋत्य)
• घर का मध्य भाग (ब्रह्मस्थान)
• स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ
• पारिवारिक तनाव
• धन हानि
• मानसिक अशांति
• चूल्हा पूर्व की ओर मुख करके रखें
• सिंक और चूल्हा पास-पास न हों
• रसोई में लाल, पीला या हल्का नारंगी रंग उपयुक्त माना जाता है
Toilet और Bathroom को नकारात्मक ऊर्जा का स्थान माना जाता है, इसलिए इन्हें घर के उचित भाग में रखना आवश्यक होता है।
• North-West (वायव्य कोण) – सर्वोत्तम
• West (पश्चिम) – द्वितीय विकल्प
• North-East (ईशान)
• South-West (नैऋत्य)
• घर का मध्य भाग
• Kitchen के पास
• बीमारियाँ
• आर्थिक रुकावट
• मानसिक तनाव
• पारिवारिक कलह
• टॉयलेट सीट उत्तर-दक्षिण दिशा में हो
• Bathroom में पर्याप्त वेंटिलेशन हो
• हल्के रंगों का प्रयोग करें
वास्तु शास्त्र के अनुसार:
• Kitchen और Toilet का पास-पास होना अशुभ माना जाता है
• इनके बीच दीवार होना आवश्यक है
• दोनों का एक ही दिशा में होना वास्तु दोष उत्पन्न करता है
यदि घर पहले से बना हुआ है और Kitchen या Toilet गलत दिशा में है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। कुछ सामान्य सुधार उपाय अपनाए जा सकते हैं, जैसे:
• रंगों का सही चयन
• उचित दिशा में कार्य-क्षेत्र का उपयोग
• ऊर्जा संतुलन के लिए वास्तु उपाय
• विशेषज्ञ द्वारा व्यक्तिगत वास्तु परामर्श
हर घर की बनावट अलग होती है, इसलिए व्यक्तिगत विश्लेषण आवश्यक होता है।
Kitchen और Toilet का सही स्थान घर के स्वास्थ्य, सुख और शांति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार इन दोनों स्थानों का सही दिशा में होना सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखता है और नकारात्मक प्रभावों को कम करता है।
घर निर्माण या Renovation से पहले इनका वास्तु परीक्षण अवश्य करवाना चाहिए।
Presented by: Kundli Guru – Astroengineers
(Traditional Vastu with Analytical Approach)